प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना - II


PMGSY - I अंतर्गत प्रत्येक विकासखण्ड व जिला स्तर पर तैयार जिला ग्रामीण सड़क योजना (DRRP) अथवा कोरनेटवर्क की सड़कों पर स्वीकृति प्राप्ति की मात्रा लगभग 100 प्रतिशत पूर्ण होने की दशा में है। इस प्रकार PMGSY - I द्वारा निर्मित ग्रामीण सड़कों के द्वारा अनेक बसाहटों/गांवो/विकासकेन्द्रों को जोड़ा गया है। जिसके फलस्वरूप थ्रू-श्रेणी (Though route) की सड़कों में यातायत का दबाव बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त अनेक सड़कों में औद्योगिक/वाणिज्यिक अथवा अन्य ग्रोथ के कारण भी यातायात का सामान्य से अधिक दबाव हो रहा है, जिसके लिए इन सड़कों का डिजाइन पर्याप्त नहीं है।

अतः मुख्यतः ऐसी थ्रू सड़कों एवं चिन्हित लिंक सड़कों के रोड क्रस्ट की चौड़ाई 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.50 मीटर करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा विशेषज्ञों की बैठक आहूत कर PMGSY - II का कान्सेप्ट पेपर अथवा ड्राफ्ट गाइड लाइन तैयार किया गया है। इसके अनुसार सर्वप्रथम जनगणना 2011 के आधार पर 01 जुलाई 2013 की स्थिति में GIS Based विकासखण्डवार व जिलावार DRRP को अद्यतन करना है। PMGSY - II यातायात घनत्व एवं ग्रोथसेंटर-स्कोर की गणना आधार पर PMGSY - II हेतु सड़क उन्नयन के प्रस्ताव तैयार करना है।

भारत सरकार द्वारा PMGSY-II के तहत् राज्य को 2245 कि.मी. लंबाई की सड़कों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब राज्य में New Connectivity में कोई सड़क निर्माण के लिये नहीं बची है। PMGSY - II Guidelines के अनुसार राज्य PMGSY - II के लिये पात्र हो गया है। भारत सरकार से 2248 कि.मी. लंबाई की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है एवं कार्य प्रगति पर है।